The history of india in hindi. भारत का सम्पूर्ण इतिहास हिंदी में

The history of india in hindi | भारत का इतिहास

The history of india in hindi “भारत का इतिहास बहुत ही विविधता भरा है साथ ही साथ यह बहुत ही विस्तृत भी है लेकिन यहां पर हम सम्पूर्ण भारतीय इतिहास कम समय मे और सरल भाषा मे पढ़ेंगे।”

भारतीय इतिहास को इतिहासकार तीन भागों में बांटते हैं

  • Ancient India (प्राचीन भारत)
  • Medieval India (मध्यकालीन भारत)
  • Modern India (आधुनिक भारत)

Table of Contents

‘Ancient’ the history of india in hindi (प्राचीन भारतीय इतिहास हिन्दी में indian history in hindi)

प्राचीन भारतीय इतिहास में सिंधु घाटी सभ्यता जिसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है, वैदिक सभ्यता, जैन बौद्ध धर्म और मगध साम्राज्य आदि का इतिहास आता है।

सिन्धु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता (the history india 01)

The map of indus valley civilization and area. सिन्धु घाटी या हड़प्पा सभ्यता का का क्षेत्र
Area and map of indus valley civilization सिंधु घाटी सभ्यता का मैप और क्षेत्र Indian history in hindi

हड़प्पा सभ्यता प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। सिन्धु नदी के आस पास बसे होने के कारण इसको सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहा गया। रेडियो कार्बन C-14 तकनीक के अनुसार हड़प्पा या सिंधु सभ्यता का समयकाल 2350 ई.पू. से 1750 ई.पू. माना गया है।सर्वप्रथम रायबहादुर दयाराम साहनी ने हड़प्पा नामक स्थान पर इस सभ्यता के अवशेषों का पता लगाया था।

Facts about Indus valley civilization (सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में तथ्य)

  • यह सभ्यता नगर नियोजित सभ्यता थी। नगरों की सड़कें व पानी के निकास की एक अच्छी व्यवस्था थी।
  • भवन पक्की ईंटों से बने होते थे, सभी भवन समान क्षेत्रफल में बने होते थे। और भवनों के दरवाजे सड़कों की ओर में खुलते थे।
  • नगरों तथा घरों के निर्माण के लिए ग्रिड पद्धति अपनायी गयी।
  • मोहनजोदड़ो में मिला विशाल स्नानागार 11.88 मीटर लम्बा, 7.01 मीटर चौड़ा व 2.43 मीटर गहरा था।
  • सिन्धु सभ्यता के लोग मातृदेवी की उपासना सर्वाधिक करते थे व पशुपतिनाथ, महादेव, लिंग, योनि और पशुओं की पुजा भी की जाती थी।
  • इस सभ्यता की लिपि भावचित्रात्मक थी जिसे अभी तक पढ़ा नही जा सका है। इस लिपि को पहली लाइन में दाएं से बाएं और अगली लाइन में बाएं से दाएं लिखा जाता था जिसे बाउस्ट्रोफ़ीडन कहा जाता है।

सैन्धव सभ्यता के प्रमुख स्थल और क्षेत्र विस्तार

यह सभ्यता पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान, गुजरात, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में लगभग 12,99,660 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई थी।

हड़प्पादयाराम साहनी1921रावी नदी
मोहनजोदड़ोराखलदास बनर्जी1922सिन्धु नदी
चन्हूदड़ोंN.G. मजूमदार1931सिन्धु नदी
कालीबंगाB.B. लाल & B.K. थापर1953घग्घर नदी
रोपड़यज्ञदत्त शर्मा1953-54सतलज नदी
लोथलरंगनाथ राव1957-58भोगवा नदी

वैदिक सभ्यता the history of india in hindi

वैदिक सभ्यता का विकास आर्य जाति के लोगों ने किया इसलिए इस सभ्यता को आर्य सभ्यता भी कहा जाता है।

वैदिक सभ्यता का समय काल 1500 ई.पू. से 600 ई.पू. माना जाता है।

वैदिक अथवा आर्य सभ्यता को दो भागों में विभाजित किया गया है।

  • ऋग्वेदिक काल
  • उत्तरवैदिक काल

ऋग्वेदिक काल the history of

1500 ई.पू. से 1000 ई.पू. तक के समय काल को ऋग्वेदिक काल कहा जाता है। 

इस समय काल में शासन व्यवस्था राजतंत्रात्मक थी और शासन प्रधान ‘राजन’ कहलाता था। राजन को शासन में सहायता के लिए प्रजा से जनप्रतिनिधि सभासमिति का निर्माण करते थे।

राजनीति में पांच इकाइयां होती थी- कुल, ग्राम, विश, जन, और राष्ट्र ।

ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र ये चार वर्ण व्यवस्था ऋग्वेदिक काल से ही प्रारंभ हैं।

आर्य मुख्यतः कृषि व पशुपालन करते थे। इस काल मे अग्नि, इंद्र, वरुण, सूर्य, आदि देवताओं की पूजा होती थी।

उत्तरवैदिक काल

उत्तरवैदिक काल की समयावधि 1000 ई.पू. से 600 ई.पू. तक मानी जाती है। उत्तरवैदिक काल मे ही यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, ब्राह्मणग्रन्थ, आरण्यक और उपनिषद की रचना की गई थी।

इस काल मे लोग ने छोटे-छोटे कबीलों का विलय कर जनपदों में बदलकर रहने लगें।

परिवार पितृ प्रधान और संयुक्त परिवार था। और इस काल मे स्त्रियों की दशा में भी पतन होने लगा था।

मनुष्य जीवन को चार आश्रमों विभाजित किया गया था- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, और सन्यास

ऋग्वेदआयुर्वेद(चिकित्सा शास्त्र)धन्वन्तरि
यजुर्वेदयुद्ध कलाविश्वामित्र
सामवेदकला एंव संगीतभरतमुनि
अथर्ववेदभवन निर्माण कलाविश्कर्मा

जैन धर्म

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव को जैन धर्म का संस्थापक माना जाता है। जैन धर्म मे कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं, महावीर स्वामी जी को जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है, जोकि जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर थे।

बौद्ध धर्म

महात्मा बुद्ध को बौद्ध धर्म के संस्थापक के रूप में जानते हैं। जिनका जन्म कपिलवस्तु के निकट लुम्बनी नामक गाँव मे हुआ था। इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था।

महात्मा बुद्ध को 35 वर्ष की आयु में बिहार के गया में ज्ञान की प्राप्ति हुई।

महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था।

मगध साम्राज्य का उदय

600 ई.पू. तक 16 महाजनपदों का उदय हो चुका था जिनमे से एक मगध साम्राज्य सबसे शक्ति शैली  महाजनपद था।

मगध साम्राज्य पर निम्न वंशों ने राज किया-

  • हर्यंक वंश
  • शिशुनाग वंश
  • नन्द वंश
  • मौर्य वंश 

सिकन्दर का आक्रमण

सिकन्दर ने भारत पर 326 ई.पू. में आक्रमण किया था। पोरस जोकि पंजाब का राजा था ने सिकन्दर के साथ झेलम नदी के किनारे वितस्ता का युद्ध या झेलम का युद्ध लड़ा।

व्यास नदी पर सिकन्दर के सिपाहियों ने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया और उसे अपनी सेना के साथ वापस अपने देश मकदूनिया की ओर लौटना पड़ा।

सिकन्दर की मृत्यु 323 ई.पू. में बेबीलोन में हुई।

गुप्त साम्राज्य

तीसरी शताब्दी के अन्त तक गुप्त साम्राज्य का उदय हुआ। इस साम्राज्य की स्थापना श्री गुप्त ने की थी।

गुप्त साम्राज्य पर राज करने वाले प्रमुख राजा-

  • चन्द्रगुप्त प्रथम (319 ई. – 335 ई.)
  • समुद्रगुप्त (335 ई. – 375 ई.)
  • चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ (380 ई. – 413 ई.)
  • स्कन्दगुप्त (455 ई. – 467 ई.)

The History of Medieval india (मध्यकालीन भारत का इतिहास indian history in hindi 02)

मोहम्मद बिन कासिम के भारत पर आक्रमण करने के समय काल को मध्यकालीन भारतीय इतिहास का प्रारंभ मन जाता है। मोहम्मद बिन कासिम ने भारत पर आक्रमण 721 ई. में किया था।

बिन कासिम के आक्रमण के बाद मध्य एशिया के देश भारत की ओर आकर्षित हुए जिसके परिणामस्वरूप मध्य एशिया के कई सम्राट अपना राज्य क्षेत्र बढ़ाने व कुछ राजा भारतीय खजाना लूटने के लिए भारत पर आक्रमण करते रहें।

इसी श्रेणी में प्रथम तुर्क आक्रमण 986 ई. में गजनी के शासक सुबूक्तगीन ने किया।

महमूद गजनवी

महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया था, ये सभी आक्रमण 1001 ई. से 1027 ई. के बीच किये गए। महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण का मूल कारण यहाँ से धन लूट कर मध्य एशिया में अपने साम्राज्य का विस्तार करना था।

महमूद जगनवी के आक्रमणों में सब से अधिक प्रसिद्ध 1025 ई. का सोमनाथ मन्दिर पर आक्रमण था।

तहकिक-ए-हिन्द किताब की रचना अलबरूनी ने की थी जोकि जगनवी के दरबार मे एक विद्वान था।

मोहम्मद गोरी

अफगानिस्तान में गजनवी वंश के अन्त के बाद गोरी काबिला शक्ति में आया।

मोहम्मद गोरी ने भारत पर पहली बार आक्रमण 1175 ई. में किया था। 

मोहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच दो प्रमुख लड़ाइयाँ लड़ी गयी-

  • तराइन का प्रथम युद्ध – 1191 ई.
  • तराइन का दूसरा युद्ध – 1192 ई.

दिल्ली सल्तनत – 1206 ई. से 1526 ई. तक (Delhi Saltanat) the history of india in hindi

भारतीय इतिहास में दिल्ली सल्तनत की बहुत ही बड़ी भूमिका रही है। 2206 ई. से 1526 ई. कुल 320 साल तक दिल्ली पर मुस्लिम सुलतानों का शासन रहा।

दिल्ली सल्तनत का अंतिम शासक इब्राहिम लोदी था जोकि पानीपत के प्रथम युद्ध 1526 ई. में बाबर के द्वारा मार दिया गया।

  • दिल्ली पर प्रमुख रूप से पांच वंशों ने शासन किया जोकि निम्न हैं-
गुलाम वंश1206 ई. से 1290 ई. तक
खिलजी वंश1290 ई. से 1320 ई. तक
तुगलक वंश1320 ई. से 1414 ई. तक
सैयद वंश1414 ई. से 1451 ई. तक
लोदी वंश1451 ई. से 1526 ई. तक

मुगल साम्राज्य

इब्राहिम लोदी को हराने के बाद बाबर ने मुग़ल साम्राज्य की नींव रखी। बाबर का पूरा नाम जहीरुद्दीन बाबर था। बाबर पिता की ओर से तैमूर का वंशज व माता की ओर से चंगेज खां का वंशज था।

बाबर ने भारत पर पहली बार आक्रमण 1519 ई. किया था। विख्यात पानीपत का प्रथम युद्ध भी बाबर के द्वारा लड़ा गया

  • बाबर के द्वारा लड़े गए प्रमुख युद्ध-
पानीपत का प्रथम युद्ध :- 1526 ई.इब्राहिम लोदी को हराया।
खानवा का युद्ध :- 1527 ई.राणा सांगा को हराया।
चंदेरी का युद्ध :- 1528 ई.मेदिनीराय को हराया।
घाघर का युद्ध :- 1529 ई.महमूद लोदी को हराया।

मुगल काल के प्रमुख शाशक[the history India]

  • हुमायूं (1530-1540 ई.) और (1555-1556 ई.)
  • अकबर (1556-1605 ई.)
  • जहाँगीर (1606-1627 ई.)
  • शाहजहाँ (1627-1658 ई.)
  • औरंगजेब (1658-1707 ई.)

मराठा साम्राज्य

17वीं शताब्दी में शिवाजी के नेतृत्व में मराठा साम्राज्य का उदय हुआ। मराठा साम्राज्य 1627 ई. से 1680 ई. तक प्रभाव में रहा।

शिवाजी का प्रशासन अष्ट प्रधान था,

The History of Modern India [आधुनिक भारत का इतिहास indian history in hindi 03]

भारत मे यूरोपीयों के आगमन से ही आधुनिक भारतीय इतिहास का प्रारंभ होता है।

1498 ई. को प्रथम पुर्तगाली यात्री समुद्री मार्ग से वास्कोडिगामा भारत के कालीकट(केरल) पहुँचा।

  • भारत मे यूरोपीयों का आगमन
पुर्तगाल1498 ई.
डच1552 ई.
अंग्रेज1600 ई.
डेन1616 ई.

अंग्रेज

सभी कंपनियाँ भारत मे वर्चस्व स्थापित करने के लिए काफी समय तक आपस मे लड़ती रहीं। अन्त में अंगेजों की जीत हुई। अंग्रेज भारत व्यापार करने के उद्देश्य से आये थे किंतु धीरे धीरे उन्होंने भारत के शासकों को शुक्तिहीन कर भारतीय क्षेत्रों पर राज करना प्रारंभ कर दिया। [Indian history in hindi]

1857 की क्रांति

1857 की क्रांति को इतिहास में गदर या सैनिक विद्रोह के नाम से भी जाना जाता है। इस विद्रोह का मूल कारण चर्बी वाले कारतूस थे। इन कारतूस के प्रयोग के विरोध में मंगल पाण्डे ने बैरकपुर छावनी में विरोध किया, इस घटना ने इस क्रांति के लिये चिंगारी का काम किया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

1885 ई. में A.O. ह्यूम के द्वारा कांग्रेस की स्थापना की गई। कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन 1885 में मुम्बई में हुआ था, जिसके अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी थे।

  • 1885 से 1905 ई. तक कांग्रेस पर उदारवादी नेताओं का वर्चस्व रहा।
  • 1905 से 1919 ई. कांग्रेस पर गरमपंथी नेताओं का वर्चस्व रहा।
बंगाल विभाजन

बंगाल के विभाजन की घोषणा लॉर्ड कर्जन द्वारा जुलाई 1905 में की गई। 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन प्रभाव में आया तथा इस दिन बंगाल में शोक मनाया गया और इसे काला दिवस के रूप में मनाया गया।

मुस्लिम लीग की स्थापना

मुस्लिम लीग की स्थापना का श्रेय आगा खान, नवाब सलीमउल्ला और नवाब मोहसिन उल मुल्क को जाता है। 1906 ई. में मुस्लिम लीग की स्थापना की गई।

जलियांवाला बाग हत्याकांड

रौलेट एक्ट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोकप्रिय नेता डॉ. सैफ़ुद्दीन किचलु और डॉ. सत्यपाल को अंग्रेजी सरकार द्वारा गिरफ्तार किया गया, इस गिरफ्तारी के विरोध में 13 अप्रैल 1919 को जलियाँवाला बाग में एक जनसभा आयोजित की गई थी जिस पर जनरल डायर ने गोलियां चलाने का आदेश दे दिया था। जिसमें अनेकों भारतीय लोगों की हत्या की गयी थी।

गांधी युग

1920 ई. से 1947 ई. तक के समय अवधि को गांधी युग कहा जाता है। कुछ इतिहासकार इसे 1917 ई. से प्रारम्भ मानते हैं। भारतीय इतिहास का यह चरण बहुत ही महत्वपूर्ण मन जाता है क्योंकि इस समयावधि में ही बहुत सी घटनाएं हुई जिनके कारण भारत की आजादी का रास्ता साफ हो सका।

1937 ई. के चुनाव

1937 ई. में प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव किये गए। 1939 ई. में उस समय के वायसराय लॉर्ड लिनलिथगों ने भारतीय विधानमंडल की सहमति के बिना ही भारत को द्वितीय विश्व युद्ध मे शामिल कर दिया, और देश मे आपातकाल की घोषणा कर दी। फलस्वरूप 15 नवम्बर को मंत्रिमंडल ने स्तीफा दे दिया, और 22 दिसम्बर को मुस्लिम लीग ने मुक्ति दिवस के रूप में मनाया।

भारत छोड़ो आंदोलन

कांग्रेस के 1942 के मुम्बई अधिवेशन में 8 अगस्त को  भारत छोड़ो प्रस्ताव पास किया गया। गांधी जी ने लोगों को करो या मरो का नारा दिया। अगले ही दिन 9 अगस्त 1942 को गांधी जी सहित लगभग सभी शीर्ष नेताओं को अंग्रेजी सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। 10 फरवरी 1943 को गांधी जी ने 21 दिन के उपवास की घोषणा कर दी। गांधी की के खराब स्वास्थ्य के कारण 6 मई 1944 को रिहा कर दिया गया।

कैबिनेट मिशन

भारतीय नेताओं से विचार विमर्श हेतु तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली ने एक कैबिनेट मिशन भारत भेज। जोकि एक संसदीय दल था। यह दल 16 मई1946 को भारत पहुचा।

माउंटबेटन योजना

लार्ड माउंटबेटन भारत के अंतिम गवर्नर जनरल(वायसराय) के रूप में 22 मार्च 1947 को भारत आये।माउंटबेटन द्वारा एक योजना जोकि भारत विभाजन योजना थी कि घोषणा की जिसे माउंटबेटन योजना कहा जाता है।

इस योजना के आधार पर ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत व पाकिस्तान को 14-15 अगस्त 1947 की रात को आजाद कर दिया गया।

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